पिछले अध्यायों में हमने कंप्यूटर की मूल अवधारणा, उसके इतिहास, विकास, पीढ़ियों, विशेषताओं तथा सीमाओं का अध्ययन किया। अब प्रश्न यह उठता है कि क्या सभी कंप्यूटर समान होते हैं? क्या प्रत्येक कंप्यूटर एक ही प्रकार के कार्य करता है?
उत्तर है—नहीं।
विभिन्न आवश्यकताओं, कार्यों और उपयोग के आधार पर कंप्यूटरों का स्वरूप, क्षमता, आकार और कार्यप्रणाली अलग-अलग हो सकती है। इसी कारण कंप्यूटरों को समझने और उनका अध्ययन व्यवस्थित बनाने के लिए उनका वर्गीकरण (Classification) किया जाता है।
कंप्यूटर का वर्गीकरण हमें यह समझने में सहायता करता है कि किस प्रकार का कंप्यूटर किस उद्देश्य के लिए उपयुक्त है और विभिन्न कंप्यूटर एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न हैं।
ध्यान दें: इस अध्याय में केवल कंप्यूटरों के वर्गीकरण के आधार समझाए गए हैं। प्रत्येक प्रकार के कंप्यूटर का विस्तृत अध्ययन अगले अध्याय "कंप्यूटर के प्रकार" में किया जाएगा।
कंप्यूटर का वर्गीकरण क्या है?
कंप्यूटर का वर्गीकरण (Classification of Computers) वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से कंप्यूटरों को उनकी कार्यप्रणाली, उद्देश्य, आकार, क्षमता, उपयोग तथा अन्य विशेषताओं के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया जाता है।
वर्गीकरण का उद्देश्य कंप्यूटरों के बीच अंतर स्पष्ट करना तथा उनकी उपयुक्तता को समझना है। इससे किसी विशेष कार्य के लिए उचित प्रकार के कंप्यूटर का चयन करना आसान हो जाता है।
कंप्यूटरों का वर्गीकरण क्यों आवश्यक है?
जैसे सभी वाहन एक जैसे नहीं होते—साइकिल, मोटरसाइकिल, कार, बस और विमान अलग-अलग उद्देश्यों के लिए बनाए जाते हैं—उसी प्रकार सभी कंप्यूटर भी समान नहीं होते।
कुछ कंप्यूटर व्यक्तिगत उपयोग के लिए बनाए जाते हैं, कुछ वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए, कुछ बड़े उद्योगों के लिए और कुछ विशेष उपकरणों के भीतर कार्य करने के लिए।
इस विविधता को व्यवस्थित रूप से समझने के लिए वर्गीकरण आवश्यक है।
कंप्यूटरों के वर्गीकरण के प्रमुख आधार
कंप्यूटरों का वर्गीकरण सामान्यतः निम्न प्रमुख आधारों पर किया जाता है—
- कार्य प्रणाली (Working Principle) के आधार पर
- उद्देश्य (Purpose) के आधार पर
- आकार एवं प्रसंस्करण क्षमता (Size and Processing Capacity) के आधार पर
- पोर्टेबिलिटी (Portability) के आधार पर
- उपयोग या अनुप्रयोग (Application) के आधार पर
इन सभी आधारों का संक्षिप्त परिचय नीचे दिया गया है।
1. कार्य प्रणाली (Working Principle) के आधार पर वर्गीकरण
कंप्यूटर किस प्रकार के डेटा पर कार्य करते हैं और उसे किस प्रकार संसाधित करते हैं, इसके आधार पर उनका वर्गीकरण किया जाता है।
इस आधार पर कंप्यूटरों को सामान्यतः तीन प्रमुख श्रेणियों में रखा जाता है—
- Analog Computers
- Digital Computers
- Hybrid Computers
इन तीनों प्रकारों का विस्तृत अध्ययन अगले अध्याय में किया जाएगा।
2. उद्देश्य (Purpose) के आधार पर वर्गीकरण
कुछ कंप्यूटर सामान्य उपयोग (General Purpose) के लिए बनाए जाते हैं, जबकि कुछ विशेष कार्य (Special Purpose) के लिए विकसित किए जाते हैं।
इस आधार पर कंप्यूटर दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किए जाते हैं—
- General Purpose Computers
- Special Purpose Computers
इस वर्गीकरण से यह समझने में सहायता मिलती है कि किसी कंप्यूटर को बहुउद्देशीय कार्यों के लिए बनाया गया है या किसी एक विशिष्ट कार्य के लिए।
3. आकार एवं प्रसंस्करण क्षमता (Size and Processing Capacity) के आधार पर वर्गीकरण
कंप्यूटरों की क्षमता, गति, उपयोगकर्ताओं की संख्या तथा संसाधन क्षमता में भी अंतर होता है।
इसी आधार पर विभिन्न श्रेणियाँ निर्धारित की जाती हैं, जैसे—
- Microcomputer
- Workstation
- Server
- Minicomputer
- Mainframe Computer
- Supercomputer
इन सभी प्रकारों का विस्तृत अध्ययन अगले अध्याय में किया जाएगा।
4. पोर्टेबिलिटी (Portability) के आधार पर वर्गीकरण
कुछ कंप्यूटर स्थायी रूप से एक स्थान पर उपयोग किए जाते हैं, जबकि कुछ को आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता है।
इस आधार पर कंप्यूटरों को विभिन्न श्रेणियों में रखा जाता है, जैसे—
- Desktop Computer
- Laptop
- Tablet
- Smartphone
- Wearable Computer
पोर्टेबिलिटी के आधार पर वर्गीकरण आधुनिक कंप्यूटिंग के विकास के साथ अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
5. उपयोग (Application) के आधार पर वर्गीकरण
कई कंप्यूटर विशेष क्षेत्रों के लिए विकसित किए जाते हैं।
उदाहरण के लिए—
- शिक्षा
- चिकित्सा
- बैंकिंग
- उद्योग
- रक्षा
- वैज्ञानिक अनुसंधान
- अंतरिक्ष कार्यक्रम
- परिवहन
यद्यपि इन क्षेत्रों का विस्तृत अध्ययन पुस्तक के आगे के अध्यायों में किया जाएगा, यहाँ इतना समझना पर्याप्त है कि उपयोग के आधार पर भी कंप्यूटरों का वर्गीकरण किया जा सकता है।
वर्गीकरण का महत्व
कंप्यूटरों का वर्गीकरण केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि व्यावहारिक रूप से भी अत्यंत उपयोगी है।
इसके प्रमुख लाभ हैं—
- विभिन्न प्रकार के कंप्यूटरों को समझना सरल हो जाता है।
- किसी विशेष कार्य के लिए उपयुक्त कंप्यूटर का चयन आसान होता है।
- कंप्यूटर तकनीक का व्यवस्थित अध्ययन संभव होता है।
- नई तकनीकों को मौजूदा वर्गों के संदर्भ में समझना आसान हो जाता है।
- शिक्षा, उद्योग और अनुसंधान में सही तकनीकी निर्णय लेने में सहायता मिलती है।
विभिन्न वर्गीकरण आधारों का सार
| वर्गीकरण का आधार | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|
| कार्य प्रणाली | डेटा संसाधन की प्रकृति को समझना |
| उद्देश्य | सामान्य एवं विशेष उपयोग वाले कंप्यूटरों का अंतर |
| आकार एवं क्षमता | प्रदर्शन और संसाधन क्षमता का अंतर |
| पोर्टेबिलिटी | उपयोग की सुविधा एवं गतिशीलता |
| उपयोग | विभिन्न क्षेत्रों में उपयुक्तता |
कंप्यूटर अनेक प्रकार के होते हैं और उनकी क्षमताएँ, संरचना तथा उपयोग एक-दूसरे से भिन्न हो सकते हैं। इन्हें समझने के लिए उनका व्यवस्थित वर्गीकरण आवश्यक है। कार्य प्रणाली, उद्देश्य, आकार एवं क्षमता, पोर्टेबिलिटी तथा उपयोग जैसे आधार कंप्यूटरों के अध्ययन को अधिक सरल और वैज्ञानिक बनाते हैं।
इस अध्याय में हमने केवल वर्गीकरण के प्रमुख आधारों को समझा है। अगले अध्याय "कंप्यूटर के प्रकार" में हम प्रत्येक प्रकार के कंप्यूटर का विस्तृत अध्ययन करेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
1. कंप्यूटर का वर्गीकरण क्या है?
कंप्यूटरों को उनकी कार्यप्रणाली, उद्देश्य, आकार, क्षमता और उपयोग जैसे आधारों पर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की प्रक्रिया को कंप्यूटर का वर्गीकरण कहा जाता है।
2. कंप्यूटरों का वर्गीकरण क्यों किया जाता है?
ताकि विभिन्न प्रकार के कंप्यूटरों के बीच अंतर स्पष्ट हो सके और आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त कंप्यूटर का चयन किया जा सके।
3. कंप्यूटरों के वर्गीकरण के प्रमुख आधार कौन-कौन से हैं?
कार्य प्रणाली, उद्देश्य, आकार एवं प्रसंस्करण क्षमता, पोर्टेबिलिटी तथा उपयोग।
4. क्या वर्गीकरण और प्रकार (Types) एक ही हैं?
नहीं। वर्गीकरण (Classification) यह बताता है कि कंप्यूटरों को किन आधारों पर विभाजित किया जाता है, जबकि प्रकार (Types) उन श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले वास्तविक कंप्यूटरों का विस्तृत अध्ययन है। यही कारण है कि इस पुस्तक में "कंप्यूटर का वर्गीकरण" और "कंप्यूटर के प्रकार" को अलग-अलग अध्यायों में रखा गया है।