वर्तमान समय को डिजिटल युग (Digital Age) कहा जाता है। आज शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, उद्योग, संचार, परिवहन, मनोरंजन, वैज्ञानिक अनुसंधान तथा सरकारी सेवाओं सहित जीवन का लगभग प्रत्येक क्षेत्र किसी न किसी रूप में कंप्यूटर पर आधारित है। मोबाइल फ़ोन से लेकर अंतरिक्ष अभियानों तक, आधुनिक तकनीक के अधिकांश अनुप्रयोगों के केंद्र में कंप्यूटर की भूमिका होती है।
कंप्यूटर ने केवल कार्य करने की गति ही नहीं बढ़ाई, बल्कि सूचना के संग्रहण, संसाधन और आदान-प्रदान के तरीकों को भी पूरी तरह बदल दिया है। यही कारण है कि आज कंप्यूटर का अध्ययन केवल तकनीकी विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि लगभग प्रत्येक व्यक्ति के लिए उपयोगी हो गया है।
यह अध्याय कंप्यूटर की मूल अवधारणा से परिचय कराता है। इसका उद्देश्य पाठक को यह समझाना है कि कंप्यूटर क्या है, इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी, आधुनिक जीवन में इसका क्या महत्व है तथा आगे इस Learning Series में किन विषयों का अध्ययन किया जाएगा।
कंप्यूटर क्या है?
Computer (कंप्यूटर) एक Programmable Electronic Device (प्रोग्राम योग्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण) है, जो उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार विभिन्न प्रकार के कार्य करने में सक्षम होता है।
सरल शब्दों में, कंप्यूटर एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है जो डेटा को स्वीकार करती है, निर्देशों के अनुसार उसका संसाधन करती है और उपयोगी परिणाम प्रस्तुत करती है। आधुनिक कंप्यूटर केवल गणना करने वाली मशीन नहीं हैं, बल्कि वे सूचना के प्रबंधन, संचार, विश्लेषण, स्वचालन तथा अनेक डिजिटल सेवाओं के संचालन का आधार हैं।
कंप्यूटर स्वयं निर्णय नहीं लेता। यह केवल उन निर्देशों का पालन करता है जो किसी प्रोग्राम, सॉफ्टवेयर या उपयोगकर्ता द्वारा दिए जाते हैं। इसलिए कंप्यूटर की क्षमता उसके हार्डवेयर के साथ-साथ उसके सॉफ्टवेयर और उपयोग किए जा रहे निर्देशों पर भी निर्भर करती है।
कंप्यूटर शब्द का अर्थ
Computer शब्द अंग्रेज़ी के Compute शब्द से बना है, जिसका अर्थ है गणना करना (To Calculate)। यह शब्द लैटिन भाषा के Computare से विकसित हुआ है, जिसका अर्थ भी गणना या हिसाब लगाना है।
प्रारम्भिक समय में कंप्यूटर का मुख्य उपयोग जटिल गणनाएँ करने के लिए किया जाता था। इसलिए इसका नाम भी उसी कार्य के आधार पर रखा गया। समय के साथ इसकी क्षमताओं का विस्तार हुआ और आज कंप्यूटर केवल गणना तक सीमित न रहकर सूचना, संचार, स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा अनेक आधुनिक तकनीकों का आधार बन चुका है।
कंप्यूटर की आवश्यकता
मानव समाज के विकास के साथ सूचनाओं की मात्रा, कार्यों की जटिलता तथा निर्णय लेने की गति की आवश्यकता लगातार बढ़ती गई। पारंपरिक तरीकों से बड़ी मात्रा में जानकारी का प्रबंधन करना कठिन, समय लेने वाला तथा त्रुटिपूर्ण हो सकता था।
इसी आवश्यकता ने ऐसी प्रणाली के विकास का मार्ग प्रशस्त किया जो बड़ी मात्रा में जानकारी को व्यवस्थित ढंग से संभाल सके, जटिल कार्यों को कम समय में पूरा कर सके तथा विभिन्न क्षेत्रों में कार्यकुशलता बढ़ा सके। कंप्यूटर ने इसी आवश्यकता को पूरा किया और आज यह आधुनिक डिजिटल समाज का एक आधारभूत उपकरण बन चुका है।
आधुनिक जीवन में कंप्यूटर का महत्व
आज कंप्यूटर केवल कार्यालयों या प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है। यह हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न भाग बन चुका है।
घरों में ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, मनोरंजन और संचार से लेकर उद्योगों में उत्पादन प्रबंधन, अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएँ, बैंकों में वित्तीय लेन-देन, विद्यालयों में शिक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान, मौसम पूर्वानुमान, अंतरिक्ष कार्यक्रम तथा सरकारी सेवाओं तक लगभग प्रत्येक क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है।
यद्यपि विभिन्न क्षेत्रों में कंप्यूटर के उपयोग का विस्तृत अध्ययन इस पुस्तक के आगे के अध्यायों में किया जाएगा, यहाँ इतना समझना पर्याप्त है कि आधुनिक डिजिटल समाज की अधिकांश सेवाएँ किसी न किसी रूप में कंप्यूटर तकनीक पर आधारित हैं।
Computer Science एवं Information Technology का परिचय
कंप्यूटर का अध्ययन केवल किसी मशीन को चलाना सीखना नहीं है। इसके पीछे दो महत्वपूर्ण अध्ययन क्षेत्र हैं—Computer Science (कंप्यूटर विज्ञान) और Information Technology (सूचना प्रौद्योगिकी)।
Computer Science मुख्यतः कंप्यूटिंग के सिद्धांतों, एल्गोरिदम, प्रोग्रामिंग, डेटा संरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा कंप्यूटर प्रणालियों के वैज्ञानिक अध्ययन से संबंधित है।
इसके विपरीत, Information Technology (IT) कंप्यूटर, नेटवर्क, सॉफ्टवेयर तथा अन्य डिजिटल तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग, प्रबंधन और अनुप्रयोग पर अधिक केंद्रित है।
दोनों क्षेत्र एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और आधुनिक डिजिटल दुनिया के विकास में समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस Learning Series में आगे इन दोनों क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न विषयों का क्रमबद्ध अध्ययन किया जाएगा।
इस Learning Series में आगे क्या सीखेंगे?
यह अध्याय केवल कंप्यूटर की मूल अवधारणा का परिचय देता है। आगे के अध्यायों में हम क्रमशः कंप्यूटर के इतिहास, विकास, पीढ़ियों, विशेषताओं, सीमाओं, वर्गीकरण, प्रकार, कंप्यूटर सिस्टम, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम, नेटवर्किंग, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड कंप्यूटिंग तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का व्यवस्थित अध्ययन करेंगे।
इस प्रकार प्रत्येक अध्याय पिछले अध्याय की समझ को आगे बढ़ाएगा और पूरी श्रृंखला कंप्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी की एक क्रमबद्ध अध्ययन सामग्री के रूप में विकसित होगी।
कंप्यूटर आधुनिक युग की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक है। यह केवल गणना करने वाला उपकरण नहीं, बल्कि सूचना के संग्रहण, संसाधन, विश्लेषण और उपयोग का एक शक्तिशाली माध्यम है। आज जीवन का लगभग प्रत्येक क्षेत्र किसी न किसी रूप में कंप्यूटर पर निर्भर है, इसलिए इसकी मूल अवधारणाओं को समझना प्रत्येक विद्यार्थी, पेशेवर और सामान्य उपयोगकर्ता के लिए आवश्यक है।
इस अध्याय में हमने कंप्यूटर की मूल अवधारणा, आवश्यकता, महत्व तथा Computer Science एवं Information Technology से उसके संबंध को समझा। अगले अध्याय में हम जानेंगे कि कंप्यूटर का इतिहास कैसे प्रारम्भ हुआ और समय के साथ इसका विकास किस प्रकार हुआ।
Presented by
G. D. Pandey
Knowledge Hub
– Computer Science & Information
Technology Learning Series